एक थी मानव सभ्यता
पात्र परिचय-
- अरावली पर्वत ( a girl dressed up like Arawali Hills, mostly green towards head depicting biodiversity and earthy brownish towards legs depicting mining)
- हिमालय पर्वत (a girl dressed up like Himalaya, mostly white towards head depicting snow and dark brownish towards legs depicting mountain)
- खनन माफिया - 3 लोग
- केंद्रीय मंत्री
- केंद्रीय मंत्री के सेक्रेटरी
- पर्यावरणविद
- प्रोफेसर
- छात्र नेता
- लोकल लीडर/ (स्थानीय नेता)
- 4 छात्र
Scene
(अरावली और हिमालय अपनी- अपनी जगह पर चुपचाप खड़े हैं. तीनों खनन माफिया अरावली की खुदाई कर रहे हैं. पर्यावरणविद, प्रोफेसर, छात्र नेता, स्थानीय नेता, 4 छात्र “खनन माफिया हाय हाय” कहते हुए मंच पर आते हैं। उनके हाथ में "अरावली बचाओ" और #SaveEnvironment के पोस्टर हैं.)
लोकल लीडर – हम यहाँ धरने पर बैठेंगे। जब तक केंद्रीय मंत्री आकर हमें जवाब नहीं देते, हम यहाँ से नहीं हिलेंगे। मैं तो स्थानीय नेता हूँ. पर अब हमारी इस लड़ाई में प्रोफेसर साहब, देश के जाने माने पर्यावरणविद, छात्र नेता एवं छात्र सहयोगी हमारे साथ हैं.
छात्र नेता- ya ya, we will follow democratic method. Our generation is very like enthu about protecting environment.
सबलोग एक साथ - “खनन माफिया हाय हाय”
(प्रोफेसर सबको शांत रहने का इशारा करते हैं)
प्रोफेसर - हमारी लड़ाई किसी खास खनन माफिया से नहीं है बल्कि हमारा उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित करना है.
पर्यावरणविद - हां, हमारा पूरा ecosystem तबाह हो जाएगा अगर हम अरावली को नहीं बचा पाएंगे.
(तभी अरावली भी बोल पड़ती है.)
अरावली – “क्या बच्चों, बचा पाओगे मुझे? बल्कि ये कहना चाहिए कि क्या बचा पाओगे खुद को?”
Student 1- OMG, The Aravali herself is speaking.
Student 2- Unbelievable, let's take a selfie.
Student 3- yesssss, let's make a story.
(सभी छात्र अरावली के साथ फोटो खींचने लगते है)
Student 4- we will go viral #Save environment
(पर्यावरणविद, प्रोफेसर और स्थानीय नेता छात्रों को देखकर अफसोस से सिर हिलाते हैं. प्रोफेसर छात्रों को खींचकर पीछे ले जाते हैं.)
पर्यावरणविद - प्रकृति जब स्वयं मनुष्य से बात करने लगे तो समझ जाना चाहिए कि प्रलय का दिन आनेवाला है. अरावली, हम आपको बचाने का प्रयत्न कर रहे हैं.
(तभी वहां केंद्रीय मंत्री आते हुए दिखते हैं .)
सबलोग एक साथ- मंत्रीजी आ गए, देखो देखो, मंत्रीजी आ गए. उनकी सेक्रेटरी भी साथ आईं हैं.
लोकल लीडर - मंत्रीजी, जिंदाबाद. मंत्रीजी जिंदाबाद
(मंत्रीजी अरावली को दंडवत प्रणाम करते हैं)
केंद्रीय मंत्री - माता अरावली, आपका ये प्रकृति प्रेमी पुत्र आपकी सुरक्षा अवश्य करेगा. हमारी सरकार पर्यावरण की सुरक्षा को सदैव तत्पर है. हम पूर्ण प्रबंध कर रहे हैं कि...
(अरावली मंत्री की बात बीच में ही काट देती है.)
अरावली (गुस्से से) - पूर्ण प्रबंध! हुह! मेरे अंग-प्रत्यंग को काट-काटकर नष्ट कर चुके हो तुम, और अब पूर्ण प्रबंध करोगे.
केंद्रीय मंत्री- देखिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ...
(अरावली फिर से मंत्री की बात बीच में ही काट देती है.)
अरावली (गुस्से से)- अरे तुम्हारी सर्वोच्च न्यायालय मुझे नाटी बोल रही है. मैं क्या complain पीऊंगी? 100 मीटर से कम हाइट हुई तो काट दोगे ?
पर्यावरणविद- हां, और संसार में किसी भी पर्वत चोटी की ऊंचाई मापने का जो standard तरीका है वो ये है कि पर्वत चोटी की ऊंचाई समुद्र तल से मापी जाती है ना कि सतह से. अरावली की सतह already समुद्र तल से 250 मीटर ऊपर है. इस हिसाब से अरावली की कोई पहाड़ी 100 मीटर से कम नहीं हुई.
Student 1- Yes, मैंने पढ़ा है. Mount Everest की height 8,848 meters है from sea level, not from earth surface.
अरावली (गुस्से से) - लो कर लो बात, तुम्हारी सर्वोच्च न्यायालय ठीक से भूगोल भी न पढ़ पाई.
छात्र नेता:- I am little confused now. Problem क्या है? The Supreme Court in its judgment itself says, " the Aravali Hills and Ranges harbour rich biodiversity, with twenty-two wildlife sanctuaries, four tiger reserves, the Keoladeo National Park, along with wetlands like Sultanpur, Sambhar, Siliserh, and Asola Bhati, and aquifers that recharge river systems including the ones at Chambal, Sabarmati, Luni, Mahi, and Banas, it is more than appropriate that before permitting further sustainable mining activities, the same are preceded by preparation of an MPSM."
अरावली – ये जो अंग्रेजी के अल्फ़ाज़ों का इस्तेमाल किया है तुमने किया है ना बेटा, बहुत अच्छा… वाह शैम्पी वाह!
“Sustainable mining”… हुह
अपने नेताजी का मोटा पेट काट दो... Sustainable figure maintenance... Huhh
अरे मैं अरावली हूँ. संस्कृत के दो शब्दों—'अरा' यानि पहाड़ की धार और 'वली' यानि रेखा/पंक्ति से मिलकर बना है मेरा नाम. सीधा मतलब - पर्वत श्रृंखला. मैं भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला हूं जो गुजरात से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक फैली हूँ. तुम्हारा राष्ट्रपति भवन भी मेरे ऊपर ही बना है. मेरे बिना गुजारा नहीं है तुम्हारा.
(तभी हिमालय भी बोल पड़ता है)
हिमालय:- अरावली दीदी सही कह रही है. इन्हीं की वजह से तुम सब थार रेगिस्तान की बालू भरी हवाओं से बचे हुए हो. अगर अरावली दीदी नहीं रहेगी तो मुझ तक इतनी गर्मी पहुंचेगी कि मेरी सारी बर्फ पिघल जाएगी. कोई नहीं बचेगा.
(सारे students मुंह फाड़ कर हिमालय को देख रहे थे)
Student 1- Bro, पहले अरावली, Now हिमालय is speaking. I think we have done great job for environment.
Student 2- yessss bro, that's the reason every mountain is talking to us.
Student 3- Bro, I have a feeling. We might get some award for saving environment.
Student 4- yaar, सच्ची बताओ, हमलोग तो lecture bunk करने के लिए protest attend करने आ गए थे. अब award ही मिल जाएगा.
प्रोफेसर- चुप, एकदम चुप, पीछे हटो. इस generation के लिए तो environment को protect करना बेकार ही है.
(तभी वहां खनन माफिया और उनके लोग आ जाते हैं.)
लोकल लीडर- खनन माफिया हाय हाय. हम अरावली की खुदाई नहीं होने देंगे. संपूर्ण अरावली क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अनुसार कंजर्वेशन रिजर्व या कंजर्वेशन कॉरिडोर या पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए.
खनन माफिया 1- हमारे पास Sustainable Mining का लाइसेंस है, तो हम तो काटेंगे.
खनन माफिया 2- और नहीं तो क्या ? तुमलोग रटते रहो पर्यावरण पर्यावरण, हम तो अपनी जेब भरेंगे.
खनन माफिया 1- सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया न uniform definition... 100 मीटर से कम ऊँचाई के जो जो पहाड़ हैं, अब काटे जाएंगे. (जेब से इंची टेप निकाल कर अरावली को मापता है.) देखो, 99 मीटर है ऊंचाई इस पहाड़ की. हम तो काटेंगे इसको.
खनन माफिया 2- दिल्ली से permission लेके आ गए हमलोग, क्यों नेताजी. यहाँ बैठे धरना कर रहें हैं ई ससुर.
अरावली- (गुस्से से चिल्लाती है) - बेटा, तुमलोग जो मुझे नाटा बोलकर काटने चले हो, अपने बॉलीवुड में सिर्फ़ अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण को ही रखोगे क्या? बाक़ी सबको काट दोगे क्या?
बड़े आए! हमारा कुत्ता कुत्ता, तुम्हारा कुत्ता टॉमी. हमारा पहाड़ - नाटा. तुम्हारा घोटाला - नीति.
(वे लोग हथौड़ा से अरावली को लगातार ठोकते रहते हैं. कोई नहीं रुकता. अरावली दर्द से कराहती है और धीरे धीरे गिरने लगती है)
प्रोफेसर:- ये गलत हो रहा. Uniform definition के नाम पर ये जो 100 मीटर से कम ऊँचाई के पहाड़ काटे जा रहे हैं, गलत है.
पर्यावरणविद:- सेक्रेटरी साहिबा, जरा इस रिपोर्ट को आप ही पढ़ कर बताइए. पढ़िए, पढ़िए.
सेक्रेटरी (हिचकते हुए)- राजस्थान में अरावली पहाड़ियों की ऊंचाई
1,07,494 पहाड़ियां- 20 मीटर तक
12,081 पहाड़ियां - 20 मीटर से ऊपर
5,009 पहाड़ियां- 40 मीटर से ऊपर
2,656 पहाड़ियां- 60 मीटर से ऊपर
1,594 पहाड़ियां- 80 मीटर से ऊपर
सिर्फ 1,048 पहाड़ियां- 100 मीटर से ऊपर
पर्यावरणविद- ये सिर्फ राजस्थान का data है. बाकी तीन राज्यों का data भी ऐसे ही alarming है.
हिमालय – कोई भी आंकड़ा जितना खतरा बता रहा है, उस से ज्यादा खतरनाक है अरावली पर्वतमाला का कटना. अरावली दीदी के हटते ही मैं भी पिघल जाऊँगा.
तो अब एक तरफ़ से झेलो थार रेगिस्तान की रेत और दूसरी तरफ़ से हिमालय के पिघले ग्लेशियर का प्रवाह.
सब लोग – बचाओ बचाओ, बहुत रेत है, कुछ दिख नहीं रहा.
मुँह में बालू आ रही है, साँस नहीं आ रही.
सब लोग – अरे, इधर देखो, बहुत तेज़ी से पानी बह कर आ रहा है, हम डूब रहे हैं.
त्राहिमाम! त्राहिमाम!
Student 2- Let's take one final selfie.
हिमालय- अलविदा मानव सभ्यता.
अरावली – ये तुच्छ मनुष्य स्क्रिप्ट लिखने चले थे – “एक थी अरावली”
इनका बन गया – “एक थी मानव सभ्यता”
🖊️ प्राची