"छुक- छुक चले जीवन की रेल"
मुख्य पात्र: कुली, चायवाला, समोसे- पकौड़ी वाला, सफाई कर्मचारी, भिखारी, किताबवाला
अन्य पात्र: कुछ यात्री (पति पत्नी) (4 Students) (3 बुजुर्ग) (पापा की परी) (प्रतिदिन यात्रा करने वाले 4 passanger)
(पर्दा उठता है. मंच पर सभी मुख्य पात्र अपना काम कर रहे हैं. नेपथ्य से रेलवे- उदघोषिका (Announcement) की आवाज आती है.)
Railway Announcement:- यात्रीगण कृपया ध्यान दें. ये 'पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण मध्य रेलवे' का जीवनपुर रेलवे स्टेशन है. शरारतपुर से चलकर हरारतपुर को जानेवाली बकरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से मात्र 23 घंटे की देरी से प्लेटफार्म संख्या 1 पर, नहीं- नहीं 2 पर, शायद 3 या 4 पर आनेवाली है. यात्राओं को हुई असुविधा के लिए रेलवे को बिल्कुल भी खेद नहीं है.
(नेपथ्य से पटरियों पर चलती रेल की आवाज आती है. सभी मुख्य पात्र और जोर शोर से अपना काम करने लगते हैं.)
(मंच पर यात्रियों का दल आता है. भीड़ बढ़ती है.)
चायवाला- चाय, चाय- चाय, चाय पी लो चाय. बच्चा पिए जवान हो जाए, बूढ़ा पिए हसीन हो जाए. Special chai special chai
समोसे वाला- पेट की आग बुझाओ, झोलदार समोसे खाओ. बाबू खाओ, भइया खाओ, अपनी बीवी को खिलाओ. छुटकू छुटकी को भी खिलाओ, समोसे... ताजा ताजा समोसे खाओ.
(Platform/मंच पर यात्रियों की भीड़ आ जाती है)
(Scene with पति पत्नी and समोसेवाला)
पति- अरे खिसियाये ही रहोगी क्या सारा दिन. चल तो रहे हैं तुम्हारे मायके.
पत्नी- बड़ा न चल रहे हैं. मेरे बच्चों को तो आने नहीं दिए आपके मम्मी- पापा. कहने लगे मन नहीं लगेगा. अरे, बच्चों के नाना नानी को भी तो मन होता है ना बच्चों से भेंट करने का, लेकिन नहीं...
पति- अच्छा जाने दो, फिर कभी बच्चों के साथ जाना...
पत्नी- आए हाय, फिर कभी बच्चों के साथ जाना; बड़ा ना रोज मायके जाते हैं हम. साल में गिन कर दो तीन बार जाते हैं. चले जाएंगे तो घर का काम कौन करेगा. हुह
पति- अरे काहे झगडा कर रही हो. सब लोग देख रहे हैं.
(तभी वहाँ समोसा वाला आ जाता है)
समोसा वाला- का भईया, भौजी खिसिया गई क्या. ये लो गरम ताजा समोसे खिलाओ, नाराज भौजी को मनाओ.
पत्नी- अरे इ काहे खरीद कर खिलाएंगे, इनका तो बस, पूरी पका लो, रास्ता का खाना बांध लो. ये नहीं होता कि कह दे आज खाना मत पकाओ, हम खरीद देंगे. हुह
(पत्नी नाराज होकर जाने लगती है. पति समोसे वाले पर गुस्सा करता है)
पति- तुम तो झगडा और बढ़ा दोगे. हटो
(पति अपनी पत्नी के पीछे भागता है. भिखारी लंगड़ाते हुए भीख मांगता है. अन्य यात्री मुख्य मंच पर आ जाते हैं)
Railway Announcement:- यात्रीगण कृपया ध्यान दें. नाराज बीवी को और नाराज ना करें. समय रहते समोसे खरीद लें वरना आपके ऊपर गरम आलुओं की बरसात हो सकती है.
(Scene with बुजुर्ग यात्री)
पहला बुजुर्ग - जैसे ये लड़ रही है न समोसा के लिए, हमारी मलकिन, अरे आपकी भौजी भी ऐसे ही लड़ती थी इमरती खाने के लिए...
दूसरा बुजुर्ग- का कह रहे हैं भईया. भौजी कहाँ लड़ाकिन थी. अरे हमारे जमाने में कोई औरत ऐसे खुल्लेआम नहीं लड़ती थी. आजकल की पतोहिया सर चढ़ी, नाकचढ़ी आ रही है.
तीसरा बुजुर्ग- खाली पतोहिया काहे, बेटवा सब भी आजकल का कम है का? शर्म हया बेच खाया है. ये पीढ़ी ही बेकार है. अरे, एक हमारा जमाना था...
(उनकी बात अधूरी रह जाती है. वहां कूली आ जाता है और उनका सामान उठा कर ले जाने लगता है.
पहला बुजुर्ग:- ए बाबू, क्या कर रहे हो?
कूली:- आइए बाबूजी, आपका सामान पहुंचा दें.
दूसरा बुजुर्ग:- अरे रुपया पैसा कितना लोगे, तय कर लो पहले.
(कूली उनकी बात नहीं सुनता, जल्दी जल्दी जाने लगता है. दो बुजुर्ग घसीटते हुए उसके पीछे पीछे चलते हैं)
तीसरा बुजुर्ग:- ससुर इतना तेज चल रहा है, सामान लेकर भाग न जाए कहीं.
Railway Announcement- यात्रीगण कृपया ध्यान दें. यदि आप कूली से अपना सामान उठवाना चाहते हैं तो कृपया मैराथन दौड़ की practice करके आईए वरना आपका सामान आपसे बहुत पहले गंतव्य तक पहुंच जाएगा.
Group of students मंच पर आ जाते हैं)
(Scene with group of students and किताबवाला)
First student- बताओ यार, ट्रेन 23 घंटे लेट हो गई. अब एक दिन की class miss हो गई. एक दिन की class miss होने से पता नहीं कैसे attendance % बहुत कम हो जाता है. हमारी कोई गलती भी नहीं है. हमारी problem कोई नहीं समझता.
Second student- मेरी तो मैम ने आज ही project - submission की last date रखी थी. अब late submission पर डांट पड़ेगी. मैम को लगेगा कि हम बहाना मार रहे. हमारी कोई गलती भी नहीं है. हमारी problem कोई नहीं समझता.
(तभी इनके सामने एक किताबवाला आता है. उसने आधे शरीर पर magazines लटका रखा है और आधे पर चिप्स के पैकेट)
किताबवाला- लंबे सफर को छोटा बनाइए, बोर हो रहें हैं तो रोमांच लाइए. पढ़िए पढ़िए, मजेदार कहानियां पढ़िए. घर में छोटे बच्चों के लिए General knowledge की किताब ले जाइए.
Third student- ए भईया सुनिए, बेच आप किताब रहे हैं और लेकर घूम रहें हैं चिप्स. क्यों?
किताबवाला- आपको कौन सी किताब खरीदनी है दीदी?
Fourth student- बोरियत दूर करने के लिए हमारे पास मोबाइल है. किताब की जरूरत हमको नहीं है.
किताबवाला- आप पूछ रही थी न कि बेच आप किताब रहे हैं और लेकर घूम रहें हैं चिप्स. क्यों? क्योंकि आपलोग किताब नहीं चिप्स खरीदते हैं. बताइए, कितने पैकेट लेंगी?
All four students - four packets
(किताबवाला अफसोस से सिर हिलाता है)
(तभी वहाँ पापा की परी कुली के सिर पर सामान रखे आती है)
(Scene with पापा की परी & कुली)
पापा की परी- Oh God. कितना crowd है यहाँ and this place is so dirty. पापा ने बोला भी था कि flight से जाओ but मुझे तो Reel with Rail बनानी थी, so I came here. कुली भाया, आप luggage के साथ यहाँ खड़े रहो, मैं Reel बना लूँ पहले.
कुली- मैडम, उस गाने पर बनाइये ना, "हट जा सामने से, तेरी भाभी खड़ी है" आप सारा अली खान और हम वरुण धवन, चलती है क्या नौ से बारा
पापा की परी- भाया, you are so funny, मैं सबके साथ Reel बनाऊंगी.
(तभी वहाँ कुछ daily passengers आ जाते हैं)
(Scene with daily passengers)
First passenger- देश का population इतना बढ़ते जा रहा है. नहीं तो पहले कहाँ इतनी भीड़ होती थी station पर.
Second Passenger- सही कह रहे हैं. 25-30 साल से नौकरी कर रहे हैं हमलोग. रोज रोज सुबह की कोई गाड़ी पकड़ कर चले जाते थे, शाम की गाड़ी से चले आते थे. कभी कोई दिक्कत नहीं होती थी.
Third passenger- ये भीड़ भी कोई भीड़ है. लग रहा है आपलोग महाकुंभ वाला भीड़ भगदड़ देखे ही नहीं हैं.
Fourth passenger- भगदड़ तो अब होगा, वो देखिये TT आ रहा. बताइये महाराज, अब रोज रोज का यात्री भी ticket लेगा. इ ससुर अब 100-50 लेकर बात खत्म भी नहीं करता. चलिए, भागिये.
(चारों भागते हैं)
Railway Announcement:- यात्रीगण कृपया ध्यान दें. शरारतपुर से चलकर हरारतपुर को जानेवाली बकरी एक्सप्रेस चलने को तैयार है. यात्रियों से निवेदन है कि अपना अपना स्थान ग्रहण करें.
(फिर से हलचल और ट्रेन का जाना, create the scene with sound effects not actual train)
(सारे यात्री मंच से चले जाते हैं. सभी मुख्य पात्र मंच पर रह जाते हैं. कुछ मुख्य पात्रों का डायलॉग)
सफाई वाला- देखत हो भईया, जैसे रेलगाड़ी आवत है जावत है, वैसे ही धरती पर आदमी जन आवत है जावत है, हो हल्ला मचावत है, गंदगी फैलावत है और कहानी खतम.
भिखारी- अरे सब लोग कहाँ गंदगी फैलावत है, तोहार जैसा कुछ लोग सफाई भी तो करत है.
सफाई वाला- हाँ ससुर, हमार जैसा लोग ही सफाई करत. तोहार जैसन नहीं ना कि हाथ पैर सलामत और जबरदस्ती का लंगड बन कर भीख मांगत.
भिखारी- अरे बबुआ, ईमानदारी का जिनगी का होई. तनिक नमक मिलावा. तनिक झूठ फरेब का मसाला डाला. सुखा फीका जिनगी में कौन मजा.
(भिखारी आँख मारता है)
(तभी फिर से Announcement होती है)
Railway Announcement- यात्री कृपया ध्यान दें. ये 'पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण मध्य रेलवे' का जीवनपुर रेलवे स्टेशन है...
सभी एक साथ:- यात्रियों को हुई असुविधा के लिए रेलवे को बिल्कुल भी खेद नहीं है.
(सभी मुख्य पात्र फिर से अपना काम करने लगते हैं. पर्दा गिरता है.)
The End